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Showing posts from May, 2023

ज्योतिष से जानें किस दिन क्या करें, क्या न करें?

ज्योतिष शास्त्र में मानव द्वारा किए जाने वाले हर कार्य केे लिए दिन निश्चित किया गया। धार्मिक ग्रंथ व शास्त्रों की मानें तो इसमें उल्लेख मिलता है कि अगर कोई भी शुभ कार्य आदि दिनों के हिसाब से किया जाता है तो उस कार्य के सफल होने की संभावना अधिक रहती है। तो वहीं कार्य से लाभ प्राप्ति के भी आसार होते हैं। तो आइए जानते हैं सोमवार से लेकर रविवार के बारे में कि किस दिन कौन सा काम करना चाहिए।  सोमवार ====== इस दिन का स्वामी ग्रह सौम्य चंद्रमा है। विवाह, नामकरण, गृह-निर्माण, विद्यालय में प्रवेश के लिए यह वार शुभ है। इस दिन जन्म लेने वाले बच्चे सज्जन होते हैं। अगर इस दिन दक्षिण की दिशा में यात्रा की जाए तो निश्चित रूप से सफलता मिलती है। मंगलवार ======= इस दिन का स्वामी ग्रह सेनापति मंगल है। यह शुभ-अशुभ के मिले-जुले प्रभावों वाला दिन है। यह दिन किसी काम के लिए शुभ है तो कुछ कामों के लिए अशुभ। मकान की खरीद-बिक्री करना, वस्त्र खरीदना, सिलवाना ठीक नहीं। इस दिन जन्म लेने वाले जातक क्रोधी स्वभाव के होते हैं। पूर्व व दक्षिण दोनों ही दिशाओं में यात्रा में कोई कठिनाई नहीं आती। बुधवार ====== इस दिन क...

जिनकी कुंडली में होते हैं ये योग और हाथों में होती हैं ये लकीरें, विदेश में कमाते हैं नाम

आज के समय में विदेश में कार्य करना या फिर उच्चशिक्षा प्राप्त करना किसी के लिए भी एक बड़ा सपना होता है। ऐसे में अगर किसी को विदेश में कार्य करने या फिर विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का मौका मिले तो वह गंवाना नहीं चाहता है। क्या आप जानते हैं कुंडली में स्थित कौन सा भाव विदेश यात्रा का माना जाता है और कुंडली के कौन से योग विदेश यात्रा की संभावना को बढ़ाते हैं। ज्योतिष के अनुसार किसी भी व्यक्ति की कुंडली में बनने वाले योग और हाथों की लकीरों पर बहुत हद तक निर्भर करता है कि व्यक्ति के जीवन में विदेश यात्रा का योग है या नहीं।  ज्योतिष के अनुसार कुंडली में भाग्य भाव का संबंध लंबी यात्राओं और उच्च शिक्षा से होता है। यदि कोई व्यक्ति विदेश जाने, विदेश में कार्य करने या फिर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए जाना चाहता है तो उसकी कुंडली में लंबी दूरी की यात्रा का योग होना अनिवार्य होता है। जिस व्यक्ति की कुंडली में लंबी यात्रा का योग बनता है, उसके विदेश में जाकर कार्य और उच्च शिक्षा प्राप्त करने की संभावना प्रबल हो जाती हैं।  ज्योतिष के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की कुडली में 7वां भाव भी ब...

कौन से योग होते हैं जब व्यक्ति कर्ज में फंस जाता है?

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कुंडली के ६वे भाव ,एकादश भाव ,तथा द्वादश भाव से कर्जों की स्थिति देखी जाती है. इन भावों के स्वामियों के कमजोर होने पर या इन भावों में शुभ ग्रहों के होने पर कर्जों की स्थिति बन जाती है। अगर हाथ का रंग कालापन लिए हुये हो या अंगुलियाँ टेढ़ी मेढ़ी हो तो कर्ज में ही जिन्दगी बीत जाती है। अगर व्यक्ति हाथ में बीचों बीच तिल हो तो व्यक्ति कर्ज लेकर ही जिन्दगी में आगे बढ़ पाता है। ग्रहों के अनुसार कब कर्ज चुक जाता है? और कब व्यक्ति कर्ज चुकाना नहीं चाहता? ============================= - दायित्व भाव पर बृहस्पति या शुक्र के शुभ प्रभाव होने पर कर्ज आसानी से चुक जाता है - मंगल का प्रभाव होने पर व्यक्ति को कर्ज से छुटकारा पाने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है - शनि का प्रभाव होने पर व्यक्ति के लिए कर्ज चुकाना एक चुनौती होती है,कर्ज नहीं चुक पाता - राहू केतु या ख़राब बुध का प्रभाव होने पर व्यक्ति कभी भी कर्ज नहीं चुकाना नहीं चाहता - शनि मंगल का संयुक्त प्रभाव होने पर कर्ज के कारण व्यक्ति को अपमानित होना पड़ता है , - कभी कभी ऐसी स्थिति में व्यक्ति आत्महत्या भी कर लेता है कर्ज के लेन देन ...