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कष्टों से मुक्ति एवं धन प्राप्ति के उपाय

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 कष्टों से मुक्ति एवं धन प्राप्ति के उपाय १__ गाय को प्रतिदिन तेल लगाकर रोटियां अवश्य खिलाएं प्रत्येक बुधवार को गाय को हरा चारा खिलाएं इससे आपके धन आने के रास्ते में जो बाधाएं हैं वह दूर हो जाए २__ प्रतिदिन अपने माता-पिता का आशीर्वाद लें एवं घर के बड़े बुजुर्गों की सेवा करें उन को प्रसन्न रखें और उनका आशीर्वाद लें ३__ सूर्योदय एवं सूर्यास्त के समय 48 मिनट के अंदर एक माला गायत्री मंत्र का जाप करें एवं दीपक जलाएं सभी कष्टों से छुटकारा मिलेगा ४__ अपने जन्मदिन पर रुद्राभिषेक करवाएं ,अपने जन्म नक्षत्र का उपाय करके घर से बाहर निकलने से आपको सभी कामों में सफलता मिलेगी ५__ एक तांबे का सिक्का लंबी यात्रा के दौरान बहते हुए जल में प्रवाहित करें ,कहीं घर से बाहर जाना हो काम के सिलसिले में तो घर के बड़े बुजुर्गों को प्रणाम करके चरण स्पर्श करके घर से बाहर निकलें उनका आशीर्वाद लेकर ६__ किसी विशेष काम से घर से निकलना हो तो हींग हाथ में लेकर अपने ऊपर से उतारकर उत्तर दिशा में फेंक दें फिर घर से बाहर जाएं आपका कार्य सिद्ध हो जाएगा ७__ यात्रा के समय एक लाल धागा अपने पास अवश्य रखें लौटने के बाद में उस...

सपने में दुल्हन देखने के क्या होते हैं शुभ-अशुभ संकेत?

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स्वप्न शास्त्र के अनुसार, मनुष्य जो भी सपने देखता है, वह आने वाले भविष्य में होने वाली घटना के बारे में संकेत देता है, जिसके कारण मनुष्य को उस अनहोनी से सचेत होने का मौका मिल जाता है। सपने हमें एक अलग ही दुनिया में ले जाते हैं। जब हम अपने असली व्यक्तित्व को छोड़कर सपनों की दुनिया में जाते हैं, तो उसे स्वप्न लोक कहा जाता है। हम सभी लोगों को अलग-अलग सपने आते हैं। कुछ लोगों के सपने अच्छे होते हैं तो कुछ लोगों के सपने बुरे होते हैं। सपनों पर किसी का वश नहीं होता। स्वप्न शास्त्र की मानें तो आने वाले हर एक सपने का कुछ ना कुछ अर्थ निकलता है। माना जाता है कि सपने हमारे भविष्य में होने वाली घटनाओं की तरफ हमे संकेत करते हैं। यदि आपको सपने में दुल्हन दिखती है तो इस सपने का क्या अर्थ हो सकता है। दुल्हन देखना =========== यदि आप लड़के हैं और अभी तक आपकी शादी नहीं हुई है और ऐसे में आपको यदि दुल्हन सपने में देखने को मिलती है तो स्वप्न शास्त्र के अनुसार यह सपना इस बात की ओर संकेत करता है कि आपके आने वाले जीवन में आपको खुशियां मिलने वाली हैं। यदि आप व्यापारी हैं तो आपको व्यापार में तरक्की मिलेगी और यदि ...

जन्म कुंडली में शुक्र ग्रह का महत्व: जानिए जीवन, प्रेम, विवाह और सुख-सुविधाओं पर इसका प्रभाव

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जन्म कुंडली में शुक्र ग्रह का महत्व: जानिए जीवन, प्रेम, विवाह और सुख-सुविधाओं पर इसका प्रभाव वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को अत्यंत महत्वपूर्ण और शुभ ग्रह माना जाता है। जन्म कुंडली में शुक्र की स्थिति व्यक्ति के जीवन के अनेक क्षेत्रों को प्रभावित करने वाली मानी जाती है। विशेष रूप से प्रेम, विवाह, सौंदर्य, कला, सुख-सुविधा, भौतिक संपन्नता और आकर्षण आदि विषयों का संबंध शुक्र ग्रह से जोड़ा जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जन्म कुंडली के 12 भावों में शुक्र की स्थिति अलग-अलग प्रकार के परिणाम दे सकती है। यदि शुक्र मजबूत और शुभ स्थिति में हो तो व्यक्ति को अच्छे परिणाम मिलने की मान्यता है, जबकि कमजोर या पीड़ित शुक्र जीवन के कुछ क्षेत्रों में चुनौतियां उत्पन्न कर सकता है। नोट: यह लेख वैदिक ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है।   शुक्र ग्रह का ज्योतिष में महत्व वैदिक ज्योतिष में शुक्र को शुभ ग्रहों में गिना जाता है। शुक्र ग्रह को मुख्य रूप से निम्न चीजों का कारक माना जाता है— ✨ भौतिक सुख-सुविधाएं ❤️ प्रेम और रोमांस 💑 वैवाहिक जीवन 🎨 कला और प्रतिभा 💎 सौंदर्य और आकर...

जीवन के अनेक रहस्य समेटे होता है शनि पर्वत में

हथेली में स्थित शनि पर्वत आपकी आर्थिक लाइफ से लेकर लव लाइफ तक के खोलता है राज शनि पर्वत पर नक्षत्र का चिन्ह शुभ संकेत नहीं माना जाता है। यदि हथेली के शनि पर्वत पर ये चिन्ह बना हो तो नियमित रूप से शनि देव की अराधना करनी चाहिए। हाथ की मध्यमा उंगली के नीचे वाला स्थान शनि पर्वत का माना जाता है। हस्तरेखा शास्त्र अनुसार हाथ की रेखाओं के अलावा हाथ के पर्वतों से भी व्यक्ति के जीवन के बारे में बहुत कुछ पता लगाया जा सकता है। हाथ में हर ग्रह से संबंधित एक स्थान होता है। जिससे बिना कुंडली के आपकी ग्रहों की स्थिति के बारे में बहुत कुछ पता चल जाता है। यहां हम हाथ में मौजूद शनि पर्वत के बारे में बात करेंगे। हाथ की मध्यमा उंगली के नीचे वाला स्थान शनि पर्वत का माना जाता है।  यदि शनि पर्वत पूर्ण रूप से विकसित होता है तो व्यक्ति काफी भाग्यवान माना जाता है। ऐसा व्यक्ति अपनी मेहनत से जीवन में अच्छा मुकाम हासिल कर लेता है। शनि पर्वत के विकसित होने पर व्यक्ति अपने लक्ष्य की तरफ निरंतर बढ़ने का प्रयास करता है। ऐसा व्यक्ति अपने लक्ष्यों में इतना व्यस्त हो जाता है कि उसे घर परिवार की चिंता नहीं रहती। जिस का...

काल सर्प दोष क्या होता है, जानिए कारण और निवारण

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक व्यक्ति की कुंडली में ग्रह-नक्षत्रों के योग से प्रायः कुछ ना कुछ शुभ और अशुभ योगों का निर्माण होता रहता है। कुंडली में स्थित शुभ योग से जहां जातक को लाभ होता है, वहीं अशुभ योग और दोष से जीवन में कुछ समय के लिए ही सही, मगर परेशानियों का सामना जरूर करना पड़ता है। ऐसे अशुभ योगों में से एक काल सर्प दोष है। इस दोष को शापित माना गया है। दरअसल ज्योतिष शास्त्र के जानकारों का करना है कि काल सर्प दोष के अशुभ प्रभाव से शारीरिक, मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जानते हैं कि काल सर्प दोष के लक्षण और उपचार के बारे में। काल सर्प दोष के लक्षण क्या हैं  ==================== जब कभी भी कुंडली में काल सर्प दोष उत्पन्न होता है तो इसकी अवधि में जातक को कई प्रकार के आर्थिक, शारीरिक और मानसिक परेशानियों से गुजरना पड़ता है। काल सर्प दोष से उत्पन्न कष्टों का अंदाजा वहीं लगा सकता है जिसकी कुंडली में यह दोष हो। काल सर्प दोष निवारण  ================= - कुंडली में ग्रह-नक्षत्र से संबंधित दोषों के निवारण के लिए भी ज्योतिष शास्त्...

जानें पिछले जन्म में क्या थे आप ?

आपने अक्सर ज्योतिषविदों को पूर्वजन्म के रहस्यों के बारे में बताते देखा होगा। ये लोग कुंडली देखकर बता देते हैं कि पूर्वजन्म में हम क्या थे, कहां रहते थे और क्या करते थे। लेकिन क्या कुंडली पढ़कर पूर्वजन्म के बारे में जानना इतना आसान है? वैसे पूर्वजन्म को जानना इतना आसान नहीं है, लेकिन असंभव भी नहीं है। पूर्व जन्म का सिद्धांत क्रिया - प्रतिक्रिया के नियम पर कार्य करता है। जीवन में इंसान जब कोई कर्म करता है या उस कर्म के लिए प्रयास करता है तो फल भोग ना होने पर उसे पुनः जन्म लेना पड़ता है। प्रकृति में किए गए या सोचे गए हर कर्म की प्रतिक्रिया होती है। इसीलिए पुनर्जन्म भी होता है। मृत्यु के बाद जब इंसान की कोई इच्छा दबी रह जाती है तो उसे पूरा करने के लिए निश्चित तौर पर उसका पुनर्जन्म होगा। कुंडली में पांचवां और आठवां भाव पूर्वजन्म से संबंध रखता है। राहु और केतु शुद्ध रूप से पूर्व जन्म से संबंध रखते हैं। इनका अध्ययन पूर्वजन्म के रहस्य खोल सकता है। शनि और बृहस्पति पूर्वजन्म के शुभ और अशुभ कर्मों को बताते हैं। आपके जन्म की स्थिति क्या है, इसका निर्धारण चन्द्रमा करता है। आपकी कुंडली का प्रधान तत्...

कुछ विशेष ग्रह योग जो देंगे इंजीनियरिंग फील्ड में सफलता

आज का युग तकनीक का युग है आज प्रत्येक क्षेत्र में टेक्नोलॉजी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कार्यक्षेत्र में इंजीनियरिंग एक ऐसा क्षेत्र है, जिसकी जरूरत हर जगह पड़ती है। पहले सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल इंजीनियरिंग जैसी गिनी-चुनी शाखाएं ही हुआ करती थी, लेकिन जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी बढ़ी, वैसे-वैसे इंजीनियरिंग की अनेक ब्रांच सामने आई। वर्तमान में शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र या कार्य हो जिसमे मशीनों, और स्वचलित यंत्रों का प्रयोग ना होता हो ग्रामीण क्षेत्रों में खेती से लेकर शहरों में बनने वाली मल्टीस्टोरी बिल्डिंग्स तक और छोटे से मोबाईल से लेकर बड़ी–बड़ी गाड़ियों के निर्माण में इंजीनियर्स और इंजीनियरिंग ही आज अपनी प्रधान भूमिका निभा रही है ऐसे में जब प्रत्येक क्षेत्र में मशीनों और टेक्नोलॉजी अपनी अहम भूमिका निभा रही हो तो इंजीनियरिंग एक अच्छे करियर के रूप में सामने आई है|  अब तो यह युग पूरी तरह से तकनीक पर आधारित हो गया है इसलिए इंजीनियरिंग का उपयोग हर जगह बड़ी मात्रा में हो रहा है। इसके साथ ही इंजीनियर्स की डिमांड भी तेजी से बढ़ी है, हालांकि योग्य और कुशल इंजीनियरों की कमी आज भी बनी हुई है औ...