सेंगोल के पीछे मची भसड़ के पीछे असल कारण दोंनों पक्षों में से कोई नहीं बोल रहा है , वह मैं आपको बताता हूँ।
दरअसल सेंगोल के पीछे यह तमिल मान्यता है कि सेंगोल जिसके पास होगा उसकी सत्ता कभी नष्ट नहीं होगी और नेहरू जो तथाकथित वैज्ञानिक मान्यताओं के बड़े पुजारी थे उन्होंने इस मान्यता को गंभीरता से लेते हुए अपने म्यूजियम में रखवाकर नेहरू खानदान की सत्ता की सुरक्षा का इंतजाम कर लिया।
यह मान्यता सत्य हो या न हो, मोदी कांग्रेस विशेषतः नेहरू परिवार जो कि भारत की सारी बुरी शक्तियों का नाभिस्थल है, नष्ट करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इसीलिये उन्होंने नेहरू परिवार की मनोवैज्ञानिक मान्यता पर चोट की है।
इसके अलावा तमिल परंपरा से संबंधित होने से भावुक तमिल जनता की प्रतिबद्धता भारत राष्ट्र के साथ भी जुड़ेगी क्योंकि उनकी मान्यतानुसार अब सेंगोल संसद भवन में होने के कारण उसकी ऊर्जा भारत राष्ट्र की अखंडता व लोकतंत्र की सत्ता की निरंतरता को पुष्ट करेगी।
एक तीर दो शिकार।
नेहरू परिवार के शिकंजे से सेंगोल मान्यता का निकलना हिंदू राष्ट्रवाद की विजय और नेहरू परिवार के विनाश की ओर का एक और कदम है।
लेकिन बेचारे इस बात को खुलकर कह भी नहीं पा रहे।
🙏 वंदे भारतम् 🇮🇳

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